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शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

UPI से होने वाले धोखे से कैसे बचे ?

UPI, UPI Account
Online Fraud


किस तरह आपके साथ UPI से धोखा किया जा सकता है...?:


     हेलो दोस्तों, UPI अकाउंट से फ्रॉड व्यक्ति आपके साथ किस तरह धोखा किया जा सकता है...?, तो उसके बारे में जान कर आप जागृत हो सके उसके लिए यह माहिती आपको बताना चाहूंगा।  

 

     तो दोस्तों, UPI वह इंस्टंट मनी ट्रान्सफर करने के लिए बहुत ही अच्छा चैनल है, लेकिन इसका भी इस्तेमाल फ्रॉड व्यक्ति निर्दोष व्यक्ति के साथ धोखेबाजी करने के लिए इस्तेमाल करने लगे है, UPI के बहुत सारे एप्लीकेशन है जैसे की, Phonepe, BHIM, BHIM SBI Pay, G Pay (Tez) जैसी अलग-अलग ऍप्लिकेशन्स है जो इंस्टंट मनी ट्रान्सफर के लिए इस्तेमाल की जाती है, तो इससे इस्तेमाल करने से पहले आपको बहुत ही सतर्कता रखनी जरुरत है.

 

     तो दोस्तों जब भी UPI की ओर से कोई कॉल आता है, या UPI के द्वारा कोई मैसेज आता है, जिसमे आपको यह बोला जाता है की, आपका जो UPI का Coded Message है उसको कही फॉरवर्ड करने को कहेगा तो आपको कभी यह Coded Message फॉरवर्ड नहीं करना है। अगर आपने उस Coded Message को फॉरवर्ड करते है, तो आपके साथ पैसो का धोखा हो सकता है।

 

     UPI का जो Coded Message है, वह मैसेज अपने में एक लिंक ले करके आता है, जो आपके मोबाइल सिम को फ्रॉड व्यक्ति के सिम के साथ जुड़ जाता है, अब जुड़ जाने के बाद वह फ्रॉड व्यक्ति के पास आपके सभी बैंक अकाउंट को उसके सिस्टम में जोड़ लेता है, और आपके साथ UPI फ्रॉड करता है।

 

    दूसरा तरीके से भी UPI फ्रॉड आपके साथ हो सकता है, जो फ्रॉड व्यक्ति होता है वह आपका जो ग्लोबल एड्रेस होता है उस एड्रेस में आपका मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर होता है, और वर्चुअल एड्रेस में 123*****456@sbi /  456****458@pnb इस तरह का होता है. तो इस तरह का एड्रेस जान लेता है, फिर फ्रॉड व्यक्ति आपके नंबर का मोबाइल लॉस होने का कम्प्लेन पुलिस ठाणे में करवाता है, उसके बाद फ्रॉड व्यक्ति आपके नाम से नया सिम निकाल लेता है। जिसे आसान भाषा में सिम स्वेपिंग भी कहते है, उसके बारे में अगली पोस्ट में जानकारी बताऊंगा, तो आपके सभी माहिती उसके पास होती है, जिसे इस्तेमाल करके आपके सभी बैंक अकाउंट में पैसे है वह अलग-अलग ट्रांजेक्शन करके आपके सभी पैसो को चुरा लेता है।


UPI फ्रॉड से बचने के लिए टिप्स :


  1. यदि UPI की ओर से तथा किसी अनजान व्यक्ति से कोई Coded Message आपके नंबर पर आता है, तो उस कॉड को कभी भी फोरवड़ ना करे। अगर आप गलती से भी फोरवड़ करते है, तो आप ढगी के शिकार हो जाते है।
  2. अगर आपको यह Coded Message फोरवड़ करने को कहते है आप अपने पास वाली कोई भी बैंक ब्रांच में जा कर अपना बैंक अकाउंट ब्लॉक करवा ले, क्योंकि, आपकी माहिती फ्रॉड व्यक्ति के पास पहुंच चुकी है जो किसी भी समय आपका मोबाइल नंबर बंध करवा के आपके बैंक में से पैसो की ढग कर सकता है।

    उसके बाद आप पुलिस को रिपोर्ट लिखवा दे और पुलिस अधिकारी का और बैंक अधिकारी का नंबर आपके पास ले करके रखे।                                                                                                                   
  3. अभी-अभी UPI का नया अपडेट वर्जन आया है उसमे आप १ लाख तक का ट्रांजेक्शन कर सकते है जो बहुत बड़ी अमाउंट है, तो आपके मोबाइल का नेटवर्क अच्छा नहीं आता है तो उस जगह कभी भी किसी को पैसे ट्रान्सफर ना करे।                                                                                                                 
  4. UPI में आपका पैसा फंस गए है, तो आप सीधे बैंक के कस्टमर केर में कॉल करके कम्प्लेन लिखवाए।        
  5. और सबसे महत्वपूर्ण बात आप कभी भी किसी भी कंपनी या बैंक का कस्टमर केर नंबर Google पर सर्च ना करे क्योंकि, इसमें भी फ्रॉड करने वाला व्यक्ति उसका नंबर कस्टमाइज़ करके रखता है। और आप उस नंबर पर कॉल करते है तो आपसे वह सभी माहिती ले कर भो फ्रॉड कर सकता है।                                  
  6. अगर आपको लगता है, की आप ढगी के शिकार हो रहे है, और किसी अनजान व्यक्ति आपको UPI ट्रान्सफर करने को कहता है, और अनजान नंबर से आपको मेसेज आता है, तो सीधे आप पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट लिखवा दे। तो दोस्तों, इस तरह के फ्रॉड के जिम्मेदार बैंक नहीं होती, इसके लिए जिम्मेदार जिसने कॉड फोरवड़ किया है वही होता है और वही ढगी का शिकार होता है। 


UPI Account Conclusion :


     तो दोस्तों, आशा रखता हूँ के UPI  की इस जानकारी से आप समझ गए होंगे, की किस तरह फ्रॉड व्यक्ति UPI से आपके साथ चीटिंग कर सकता है... और आप सेफ, ओर सिक्योर रहेंगे।

 

     जय हिन्द... जय भारत... 


     आपका धन्यवाद...।🙏🙏

गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

Google DOC से कैसे आप फ्रॉड के शिकार हो सकते है...?

 

Google DOC, Google Document
Google DOC

Google DOC से सावधान रहे :


     हेलो दोस्तों, आज आपको Google DOC से किस तरह से आपके साथ फ्रॉड किया जा सकता है...? उसके बारे में बताना चाहूंगा। मेरी आपसे विनती है की यह जानकारियां जो कुछ भी दी जा रही है वह आम जनता को जागृत करने के लिए दी जा रही है, अगर आप इस जानकारी का गलत इस्तेमाल करेंगे तो आप साईबर क्राइम के गुन्हे में आ सकते है इसलिए इस जानकारियां को जान कर सैफ और सिक्योर रहे, और इस जानकारियां से कोई भी गलत कार्य ना करे।

 

     तो दोस्तों, चलते हे हमारे Google DOC से कैसे आपके साथ धोखा किया जा सकता है....?

 

     अब काफी सारे लोग जानते ही होंगे की अबसे अपना पर्सनल डॉक्यूमेंट, ID Proof, और OTP को शेर नहीं करना है। और Anydesk, Teamviewer जैसे रिमोट एप्लीकेशन का इस्तेमाल नहीं करना है, तो फ्रॉड व्यक्ति को यह मालूम हो गया है, तो वह एक स्टेप की और आगे बढ़ गया वह अब Google DOC से फ्रॉड करने लगा है।

 

Google DOC :

 

     तो Google DOC जिसका पूर्ण नाम Google Document है, जिसे आप अपने मोबाइल में Google Play Store पर आसनी से मिल जाता है। इसमें फ्रॉड करने वाला व्यक्ति उसके माध्यम से एक लिंक आपको SMS करते है, और SMS आने वाले नंबर और उसकी लिंक ऐसी होती है, जो दिखने में बिलकुल कंपनी जैसी और सैफ लगती है। उस मेसेज में कुछ इसतरह का Thanks for alerting us. We are Sorry for the inconvenience. Please click the link below. लिख कर भेजते है, और नीचे दी गई लिंक पर आप क्लिक करते है, जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करते है, तो आपको उसमे फॉर्म भरके सबमिट करने को कहता है, और उस फॉर्म में निर्दोष व्यक्ति उसकी सभी पर्सनल डिटेल्स में मोबाइल नंबर, बैंक की माहिती, सभी कार्ड के नंबर के साथ-साथ सभी माहिती भेज देता है, इसमें आपको OTP लिखने को नहीं कहेगा, और इसमें आपको वेरिफाई ट्रांजेक्शन पासवर्ड और Bank ID भी भरवाएगा। अब आपने यह सभी माहिती भूल कर भी भेज दी, तो आपके साथ किसी भी प्रकार का धोखा हो सकता है, और लोगो के साथ धोखा होता भी है। तो दोस्तों यह जो निर्दोष व्यक्ति ने भरा हुआ फॉर्म उस फ्रॉड करने वाला व्यक्ति के पास जाता है, और वह निर्दोष व्यक्ति को लगता है, की यह फॉर्म मेने कंपनी में भेजा है। 

 

     तो दोस्तों, अब वह फ्रॉड व्यक्ति आपके नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके फॉरेन (परदेश) में आपके पैसे ट्रान्सफर करेगा इसमें आपके OTP की जरुरत नहीं होती है। क्योंकि, फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपके मोबाइल नंबर को हैक करके आपको बिना पता चले उसको OTP मालूम हो जाता है। तो इसतरह से आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकता है, तो इस तरह एक निर्दोष व्यक्ति उसने पूरी जिंदगी मेहनत से कमाए हुए पैसे एक पल में वह फ्रॉड व्यक्ति चुरा लेता है, और आप ठगी के शिकार हो जाते है। - Google DOC

 

Google DOC Conclusion :

 

     तो दोस्तों में यह कहना चाहूंगा की किसी अनजान जगह या व्यक्ति को आप खुद की पर्सनल माहिती, आपका पहचान प्रूफ, बैंक की कोई माहिती, किसी डेबिट या क्रेडिट कार्ड की माहिती, नेट बैंकिंग का ID और पासवर्ड, आपने बैंक में रजिस्टर किया हुआ मोबाइल नंबर और E-mail ID, आदि-आदि माहिती को लिख कर और कह कर किसी अनजान व्यक्ति को ना बताए। इसके आलावा आप सोशियल मिडिया ऍप्लिकेशन्स में रजिस्टर करने के लिए भी अपना बैंक अकाउंट वाला E-mail ID और मोबाइल नंबर से रजिस्टर नहीं करे, आप किसी दूसरी E-mail ID और दूसरे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करे, जो आपने खुद ने बनाई हो. - Google DOC  

 

     तो दोस्तों, आशा रखता हूँ, की इस जानकारी से आप समझ गए होंगे और इस माहिती से सुरक्षित भी रहेंगे।

 

     जय हिन्द, जय भारत…

 

     आपका धन्यवाद....।🙏🙏

बुधवार, 2 दिसंबर 2020

e-SIM धोखे से कैसे बचे...?

E-SIM, esim
ESIM


E-SIM Fraud :

     हेलो दोस्तों, आपने अभी के समय में E-SIM के बारे में जानते ही होंगे। तो दोस्तों इसमें भी फ्रॉड व्यक्ति आपके साथ कैसे धोखा कर सकता है...?, उसके बारे में जानते है।

 

     दोस्तों स्टेप बाय स्टेप समझेंगे ताकि आप अच्छे से और आसानी से समझ सके।

 

तो मूलरूप से यह E-SIM होता क्या है...?

 

     आज से दोस्तों, 20 साल पहले एक सिम कार्ड आता था, जो फिज़िकल सिम कार्ड था, जो 2014 के बाद बदल कर उससे छोटा कर दिया गया और समय-समय पर उससे भी छोटा करते गए और अभी के समय में सिर्फ जो तांबे का जितना भाग है उतना ही हो गया है, जैसे की, 1993 में Mini Sim, 2003 में Micro Sim, 2012 में Nano Sim, और 2014 में E-SIM और अभी-अभी नए ज़माने के हाई रेंज वाले फोन में यह E-SIM का वाला सिस्टम बनाया गया है। तो यह E-SIM एक वोडाफोन (VI) और एयरटेल कंपनी के पास ही उपलब्ध है।

 

     तो दोस्तों इसमें एक फिज़िकल सिम होता है और एक E-SIM होता है, तो दोस्तों यह E-SIM हाई रेंज के फोन में ही इस्तेमाल होते है। जैसे की iPhone 10 में इस्तेमाल किया जाता है। उस फ़ोन में दोनों ऑप्सन मिलते है एक सादा वाला सिम और यह E-SIM.

 

E-SIM को Setup कैसे करते है...? :

 

     आपका जो फोन है, तो इसके लिए आपको पहले फोन के सेटिंग्स में जाना है, उसके बाद सेल्युलर में जाना होता है, उसके बाद सर्विस प्रोवाइडर का प्लान सेटअप करना होता है, सर्विस प्रोवाइडर यानि के वोडाफोन या एयरटेल कंपनी, उसके बाद QR Code Scanning करना होता है, तो यह QR Code कहाँ और कैसे आता है...? उसके बारे में आगे बताऊंगा, अभी यह अच्छे से समझ लेते है, तो QR Code Scanning होने के बाद प्लान को जोड़ना होता है, उसके बाद उस नंबर को Primary नंबर की तरह इस्तेमाल कर सकते है यह नंबर शारीरिक से डालना होता है, उसके बाद जो QR Code है वह ऑटोमॅटिकली आपका Primary नंबर ले लेगा, और आपके फोन में अलग से Virtual Sim इनस्टॉल हो जाता है उसमे शारीरिक तरीके से करना नहीं पड़ता, उसके बाद आप अपना नंबर सेटअप करके इस्तेमाल कर सकते है। अगर आपको यह तरीके में समज नहीं आया तो इसका दूसरा तरीका भी है, उसे जानते है। - E-SIM

 

E-SIM का दूसरा तरीका :

 

     पहले अपने खुद के फोन में सेटिंग्स में जा कर, मोबाइल डेटा में जाइए, उसके बाद Add Plan Data, और QR Code Scan करना होगा। QR Code आपने दी हुई Email ID पर आता है। आप वही से स्कैन करके इस्तेमाल कर सकते है। E-SIM

 

 

E-SIM फ्रॉड कैसे होता है...? :

 

     अब इसमें दोस्तों, एक फ्रॉड करने वाला व्यक्ति होता है जो एक व्यक्ति उसके फोन पर अपना Email SMS के जरिए भेजता है। वह Email ऐसा लिखा होता है की आपको लगता है की, यह Email और SMS आने वाला नंबर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का ही लगेगा, और आप वही Email ID आप सर्विस प्रोवाइडर को भेज देते है। तो सर्विस प्रोवाइडर वोडाफोन या एयरटेल कंपनी वाले उस Email ID पर QR Code Scan करने के लिए भेज देता है। और फ्रॉड व्यक्ति आपके मोबाइल नंबर रजिस्टर करवा कर खुद के मोबाइल में इस्तेमाल करने लग जाता है। उसके बाद आपका जो नंबर है वह बंध यानि सर्विस बंध हो जाती है और आपको लगता है, की शायद २४ घंटे या कुछ घंटे में यह E-SIM शुरू हो जाएगा। तो आपका नंबर फ्रॉड व्यक्ति के पास सक्रिय हो गया और वह आपके बैंक अकाउंट से सभी पैसे निकाल देगा। और आपको मालूम भी नहीं होगा। क्योंकि उसका ट्रांजेक्शन OTP तो उस फ्रॉड व्यक्ति के पास जाएगा और बैंक वालो का मेसेज भी उसी नंबर पर जाएगा जो फ्रॉड व्यक्ति के पास रजिस्टर है। E-SIM

 

     फ्रॉड व्यक्ति आपके बैंक में सभी पैसे को मल्टिपल चैनल से आपके पैसे ट्रान्सफर करते है, पैसे निकाल ने के लिए E-wallet का इस्तेमाल करते है ऐसे कई सारे मल्टिपल ट्रान्जेक्सन करते है जिससे फ्रॉड व्यक्ति को पकड़ नहीं पाते है। 

 

E-SIM Fraud Conclusion :

   

     अब दोस्तों, आप सोच रहे होंगे की उन व्यक्ति का मोबाइल नंबर फ्रॉड के पास आया कैसे होगा...?, उसको मालूम कैसे होता होगा की यह बन्दे के पास यह हाई रेंज का फोन है, और वह E-SIM के लिए अप्लाई करने वाला है...? आदि-आदि। E-SIM

 

     आपको बताऊ तो जब आप किसी ऑनलाइन शॉपिंग करते है और ऑर्डर करते है तो डिलीवरी के समय किसी अनजान व्यक्ति के पास ना चला जाए तथा डिलीवरी करने वाले को आपका एड्रेस नहीं मिलता तो आपका नंबर देख कर वह कॉल करके आप अपना एड्रेस बता सकते है। अब आपकी प्रोडक्ट मिलने के बाद कुछ लोग ऐसे होते है की उसका जो पैकिंग होता है, उसको नष्ट किए बिना ही कचरे में दाल देते है तो जब आप वह पैकिंग कचरे में डालते है उसमे आपका, नाम, नंबर आपके घर का एड्रेस लिखा होता है। तो आप उसे नष्ट किए बिना ही कचरे मे फेंक देते है तो सामने वाले को तो आपके बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। और वही से आपके साथ चीटिंग होने की शुरुआत होती है। E-SIM

 

     आज के समय में ऐसी टेक्नोलॉजी भी आती है, जिससे कोनसा  नंबर किस डिवाइस चल रहा है...? उसकी भी जानकारी देता है। तो उस माध्यम से भी आपको एक फ्रॉड व्यक्ति आपको ट्रेक करके आपसे फ्रॉड कर सकता है।


     तो दोस्तों, जब भी आप E-SIM के लिए किसी भी सर्विस प्रोवाइडर को ईमेल भेजते है या E-SIM एक्टिव करवाते है तो सावधानी पूर्वक एक्टिव करवाए।

 

     तो दोस्तों, उम्मीद रखता हूँ के यह जानकारी आपको समझ आई होगी। और आप इस जानकारी से सुरक्षित रहेंगे। कृपया यह जानकारी अपने दोस्तों और परिवार में भी कह कर आप और अपने सभी को जाग्रत कीजिए। E-SIM

 

     आपका धन्यवाद...।🙏🙏

मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

SBI YONO App से धोखा होने से कैसे बचे...?

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Online Banking Fraud


SBI YONO App :


     हेलो दोस्तों, आज आपको SBI YONO App के बारे में बताऊंगा, की किस तरह फ्रॉड व्यक्ति बैंक ऑफिसर बन कर आपके बैंक अकाउंट में पैसो के साथ चीटिंग करके आपको धोखा दे सकता है...? उसके बारे में जानते है। 

 

     उससे पहले एक फीचर सर्विस के बारे में कहना चाहूंगा। अगर आप SBI YONO App इस्तेमाल करते है तो आपको मालूम होगा की डेबिट कार्ड को किस तरह से सेफ रख सकते है। इस SBI YONO App में एक फीचर होता है जो आपको बताने की कोशिश करूँगा। जब आप SBI YONO App इनस्टॉल करने के बाद आप रजिस्टर करेंगे तो दोस्तों इसमें आपको एक सर्विसिस का ऑप्सन मिलेगा, उसमे आप डेबिट कार्ड मैनेज का ऑप्सन होता है. तो इससे आप अलग-अलग तरीके से आप डेबिट कार्ड को संभल सकते है, जैसे की आपको पैसे ATM से निकाल ने है तो इसमें On करके पैसे निकाल सकते है ,अब जैसे ही आपने ATM से पैसे निकाल लिए तब तुरंत उसको Off करेंगे तो आपका डेबिट कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा, ओर फिर से जरुरत होने पर आप उस ऑप्सन को On करके फिर से पैसे निकाल सकते है। तो दोस्तों इसमें यह सर्विस मुझे बहुत अच्छी लगी। तो में कहना चाहूंगा आप इस ऑप्सन का भरपूर फायदा उढ़ाए और आपके डेबिट कार्ड को सिक्योर रखे. किसी कारण आपका डेबिट कार्ड खो जाता है या चोरी हो जाता हो आप यह ऑप्सन में जा करके उस डेबिट कार्ड की सर्विस को बंध करके आप और आपके पैसे को चोरी होने से बचा सकते है। और दोस्तों आप ज्यादा डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते है तो एक महीने में कम से कम एक-दो बार उस कार्ड का पिन नंबर बदलते रहिए। इस तरिके से आप अपने कार्ड को खुद ही कण्ट्रोल कर सकते है। 

 

     अब दोस्तों SBI YONO App से किस तरह फ्रॉड व्यक्ति आपके साथ फ्रॉड करता है...? उसके बारे में जानते है। 

 

Internet Banking Through SBI YONO App : 

 

     दोस्तों आपके पास इंटरनेट बैंकिंग नहीं है और आपने इंटरनेट बैंकिंग के लिए कभी अप्लाई ही नहीं किया तो यह SBI YONO App से भी आपके साथ और भी लोग फंस सकते है। आपका इंटरनेट बैंकिंग की सेवा सक्रिय हो जाएगी और आपको मालूम ही नहीं चल पाएगा, और आप ठगी के शिकार बन जाएंगे। 

 

     तो दोस्तों, फ्रॉड व्यक्ति आपको मेसेज करेगा, आप उस नंबर पर कॉल करोगे तो कॉल नहीं लगेगा। वह बोलेगा की में बैंक का मैनेजर हूँ. और आपने PAN Card, आधार कार्ड और आधार कार्ड में रजिस्टर हुआ नंबर का OTP और आपके पासबुक का पहला पेज का कॉपी मांगता है, उसी तरह आपके बाद अलग-अलग व्यक्ति को कॉल करेगा उन सभी के पास से भी यही सारी माहिती उन व्यक्तिओ के पास से मांगेगा। अब पासबुक के पहले पेज पर CIF, Branch Code, IFSC Code, Account Number यह सभी डिटेल होती है। और आपसे ATM/Debit/Credit Card Number, Expiry Date की माहिती मांग लेगा। आप यह सभी माहिती देते है।क्योंकि आप उसे बैंक मैनेजर समझ कर सभी माहिती दे देते है. उसके बाद फ्रॉड व्यक्ति SBI YONO App इनस्टॉल करेगा, तो वह फ्रॉड व्यक्ति इस SBI YONO App को इनस्टॉल करके वह आपने दी हुए सभी माहिती को भर के इंटरनेट बैंकिंग का ऑप्सन On करके रजिस्टर कर लेता है। उसके बाद फ्रॉड व्यक्ति खुद का प्रोफइल पासवर्ड बना लेता है, यह प्रोफइल पासवर्ड दो तरह के होते है. पहला कोड बैंकिंग सोलुशन का और दूसरा आपके इंटरनेट बैंकिंग का, अगर आपने इंटरनेट बैंकिंग On नहीं किया और यह इंटरनेट बैंक की सेवा On नहीं करवाते तो भी इस SBI YONO App से आपका इंटरनेट बैंकिंग सेवा शुरू हो सकती है। तो यह सुविधा आपके लिए दी गयी है, जिसका फायदा फ्रॉड व्यक्ति उठाता है। 

 

     तो फ्रॉड व्यक्ति आपके प्रोफइल का पासवर्ड बदल सकता है। SBI YONO App में आपका प्रोफाइल पासवर्ड दूसरा कोई भी नंबर को रजिस्टर कर सकते है भले ही आपके बैंक अकाउंट में आपके खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर हो। इस SBI YONO App में प्रोफइल के लिए दूसरा मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर सकते है। तो फ्रॉड व्यक्ति उसका खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर कर लेता है। 

 

     यह ज्यादातर उनके बैंक अकाउंट में फ्रॉड करते है, जो निवृत व्यक्ति है. निवृत व्यक्ति के बैंक अकाउंट में एक सुविधा लोन की होती है वह लोन की सुविधा सभी के अकाउंट में नहीं होता है, वह बैंक को भी नहीं मालूम होता है, की किसके अकाउंट में कितनी लोन आएगी। तो यह लोन कितने अमाउंट की होगी वह रिजर्व बैंक के हेड ऑफिसर निर्णय लेते है तो यह हेड ऑफिसर बैंक को एक लिस्ट भेजता है, की इस SBI YONO App के जरिये आप उस निवृत व्यक्ति को लोन दे सकते है, जो 10 लाख तक जा सकता है। अगर मान लीजिए कही कोई निवृत व्यक्ति का बैंक अकाउंट है, वह 25 हजार से ले करके 10 लाख तक की अमाउंट जा सकता है। तो वह फ्रॉड व्यक्ति उस निवृत व्यक्ति का इंटरनेट बैंकिंग सेवा शुरू कर लेता है। SBI YONO App के लोन वाले सेक्शन में जाता है और अप्लाई कर देता है. इसमें एक Beneficiary को Add करने में चार घंटा लगता है और वन टाइम ट्रांजेक्शन क़ 25 हजार का कर सकता है। और आपके अकाउंट का ट्रांजेक्स्शन 10 लाख का दिया गया है इतनी ज्यादा लिमिट क्यों होगा... ? वह मुझे भी नहीं मालूम, इसका जवाब बैंक वालो को भी नहीं मालूम...! तो अगर यह 10लाख की सुविधा आपको बैंक ने दी। तो यह 10लाख रुपये निवृत व्यक्ति के अकाउंट में आ जाते है, और उसी समय फ्रॉड व्यक्ति को मालूम हो गया क्योंकि आपके प्रोफइल से बनाया हुआ Net Banking बनाया गया है। तो ट्रांजेक्शन करने वाला OTP उसके के नंबर पर जाएगा,आपके नंबर नहीं आएगा, तो आपके अकाउंट का नेट बैंकिंग इस्तेमाल करके सारे के सारे पैसे निकाल लेगा। और आपको पता भी नहीं चलेगा की पैसे गायब हो चुके है।

 

     अब निवृत व्यक्ति को जब मालूम पड़ता है तो वह निवृत व्यक्ति बैंक में जाता है तभी उसको मालूम होगा की यह नेट बैंकिंग से पैसे निकाले गए है और आप कहेंगे की में तो नेट बैंकिंग इस्तेमाल करता ही नहीं।  लेकिन आपने सभी बैंक डिटेल फ्रॉड करने वाले व्यक्ति को दे दी। तो आपने वह बैंक डिटेल बताई तभी आपके साथ फ्रॉड होता है।   


SBI YONO Conclusion :

 

     इसीलिए आपकी माहिती किसी को ना बताये। और जब कभी भी कस्टमर केर का नंबर पर कॉल करना जरुरी होता है, तो आप गूगल पर भी सर्च नहीं करे। क्योंकि इसमें भी फ्रॉड करने वाला व्यक्ति उसका नंबर कस्टमाइस करके रखता है तो वही से भी आप फ्रॉड के शिकार हो जाते है। अगर आपको किसी भी बैंक का कस्टमर केर नंबर जानना है तो उसके पासबुक में होता है, या फिर आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड में भी पीछे के हिस्से में लिखा हुआ होता है। तो आप वही से नंबर ले कर कस्टमर केर में कॉल कीजिए। 

 

     तो दोस्तों उम्मीद रखता हूँ के यह जानकारी समझ गए होंगे और यह जानकारी आपको और आपके बैंक अकाउंट में पैसे को सुरक्षा करने में सहाय करेगी।

 

     आपका धन्यवाद...।🙏🙏


सोमवार, 30 नवंबर 2020

फ्रॉड व्यक्ति कैसे आपका Net Banking इस्तेमाल करके फ्रॉड कर सकता है...?

 

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Net Banking Service :


     हेलो दोस्तों, आज में आपको Online Bank Account के बारे में बताऊंगा, की किस तरह से फ्रॉड व्यक्ति जो सायबर गुनाह करके आपके बैंक अकाउंट में सभी पैसो को कैसे इस्तेमाल कर सकता है...?, और इसमें आश्चर्य की बात यह है की, जो व्यक्ति इंटरनेट बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल नहीं करता है तो भी उसका इंटरनेट बैंकिंग सेवा शरू हो कर आपके सारे पैसे चुरा लेता है। तो वह कैसे...? 



     तो चलिए जानते है की कैसे फोर्ड व्यक्ति आपके बैंक अकाउंट का Net Banking इस्तेमाल करके आपके पैसे चुरा सकता है...?

 

How To Hack Your Bank Account :


     इसको समझने के लिए एक उदाहरण लेंगे। एक फ्रॉड करने वाला व्यक्ति सायबर क्रिमिनल होता है, वह अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग बैंक अकाउंट वाले व्यक्ति को बारी-बारी कॉल करता है। कॉल करने से पहले वह उन सभी व्यक्तिओ के बारे में Details कही से चुरा कर इकट्ठा करता है। यह Details उन व्यक्ति की होती है, जिसका बैंक अकाउंट होता है लेकिन वह Net Banking इस्तेमाल नहीं करते है। अब आप सोचते होंगे की आज के समय में कोनसी व्यक्ति Net Banking इस्तेमाल नहीं करता होगा ? यह चितर लोग ऐसे ही व्यक्ति को पकड़ते है जिसका Net Bankingकी सेवा शुरू नहीं करवाई और इस्तेमाल नहीं करते है। हो सकता है की, कोई बड़ी उम्र का व्यक्ति हो, या फिर कोई निवृत आदमी का पेंसन बैंक अकाउंट हो। उन लोगों का बैंक अकाउंट का ही ज्यादातर इस्तेमाल के लिए लेते है उसको ही फोन करके सभी पर्सनल डॉक्यूमेंट की जानकारी ले कर फ्रॉड करते है।  

  

     उन बैंक अकाउंट वाले व्यक्ति को कॉल करके कहता है. की में इस बैंक से बोल रहा हूँ। आपका जो बैंक अकाउंट है उसमे आपने KYC अपडेट नहीं करवाया है। तो इस वजह से आपका बैंक अकाउंट बंध हो सकता है। तो कृपया करके आप मुझे अपना आधारकार्ड का नंबर, PAN Number, डेबिट कार्ड का नंबर, आपकी बर्थ डेट और आधार कार्ड में रजिस्टर मोबाइल नंबर दीजिए में आपके अकाउंट को अपडेट कर देता हूँ। 



     अब वह फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपको फोन के कॉल पर फसा कर रखता है. यह सभी डिटेल भर कर Net Banking के लिए अप्लाई कर देता है जैसे ही अप्लाई करता है तो आपके आधार कार्ड वाले नंबर पर OTP आएगा और आप उसे OTP दे देते है, और आपके बैंक अकाउंट में खुद का मोबाइल नंबर रजिस्टर कर लेता है। और पैसो की जब वह फ्रॉड करने वाला व्यक्ति ट्रांजेक्स्शन करेगा तो वह ट्रांजेक्शन वाला OTP फ्रॉड व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर जाएगा और वह फ्रॉड करने वाला व्यक्ति OTP दाल कर आपके सारे पैसो का ट्रांजेक्सन किसी और के अकाउंट में करता रहेगा। 



     वह पैसा पहले खुद नहीं लेगा वह अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग व्यक्ति के अकाउंट में अलटरनेटिव तरीके से पैसे ट्रांसफर करेगा. जब आप पुलिस कंप्लेन करोगे तो उसको खोज निकाल ने के लिए पुलिस उस बंदे को पकड़ेगी जो दूसरे राज्य में दूसरे किसी का अकाउंट में उसने पैसे ट्रांसफर किए है, तो पुलिस उस व्यक्ति को पकड़ेगी। ऐसा वह ट्रांफर करके निर्दोष व्यक्तिओ को फसाता रहता है। ऐसा करके आपको भी संकट में डालता है और दूसरे निर्दोष व्यक्ति को भी संकट में डालता है। और उसके बाद वह फ्रॉड व्यक्ति Mule Account से पैसे निकाल कर खुद इस्तेमाल करने लग जाता है। और किसी को मालुम ही नहीं पड़ता की किसने यह पैसे का ट्रांजेक्शन किया...? तो दोस्तों इस तरह से फ्रॉड होते है। - Net Banking

 

Net Banking Conclusion :


     तो दोस्तों में यही कहना चाहूंगा की आप किसी को भी अपना OTP और पर्सनल ID Proof की डिटेल ना बताए। और किसी को भी अपना डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का नंबर आदि-आदि महत्वपूर्ण चीजे ना बताए, अगर आपको ऐसा फोन आए तो खुद के बैंक की कोई भी ब्रांच में जा कर पक्का कर लीजिए की क्या बैंक अकाउंट में कोई अपडेट करना बाकी है...? वही से आप कन्फर्म कीजिए। आपको मोबाइल पर किसीको भी आपकी महत्वपूर्ण डिटेल्स या ID Proof के बारे में बताना नहीं है।  



     तो दोस्तों उम्मीद रखता हूँ इस जानकारी से आप समझ गए होंगे। और आप सुरक्षित रहेंगे। और दुसरो को भी यह बात कहे की अपना कोई भी पर्सनल ID Proof ना बताए। - Net Banking


 
     आपका धन्यवाद।🙏🙏

रविवार, 29 नवंबर 2020

Firwall आपके कंप्यूटर सिस्टम को किस तरह से सुरक्षा करता है?

 

firwall
Firwall Security

Information Of Firwall :

     हेलो दोस्तों आज में आपको Firwall के बारे में माहिती देना चाहूंगा। तो आपने यह Firwall को जरूर सूना और देखा भी होगा। Firwall क्या है...? यह कैसे काम करता है...?, और आपको इसकी क्या जरुरत है...?यह सभी बाते आपको बताने जा रहा हूँ... 



     तो चलिए Firwall के बारे में जानते है।



     तो दोस्तों Firwall क्या है...? और कैसे काम करता है...? यह दोनों बाते जान कर आपको मालूम हो जायेगा की आपको यह जरुरत है कि, नहीं...?

Explain The Firwall :


     आपको आसान भाषा में कहूं तो मान लीजिए एक बंदा एक कमरे में बैठा हुआ है। वह कमरा Firwall से बना हुआ है। तो इसमें Firwall बहार से आने वाले गन्दी हवा, धूल-मिट्टी को रोकता है। और ठीक वैसे ही उस कमरे की धूल-मिट्टी या उस कमरे की अशुद्ध हवा बहार जाने को रोकती है उसे अंदर ही रखती है। 



     तो दोस्तों ठीक उसी प्रकार से आप कम्प्यूटर पर इंटरनेट चला रहे होते है, जैसे की वीडियो डाउनलोड कर रहे होते है, कोई चीज के लिए सर्च कर रहे होते है. तो आपको बहार की दुनिया के इंटरनेट में मौजूद वायरस को आपके कंप्यूटर सिस्टम में नहीं आने देता। और अगर आपके कंप्यूटर में वायरस होता है तो Firwall आपके कंप्यूटर के बहार किसी को नहीं भेजता है। अगर आपके कंप्यूटर में वायरस नहीं है तो आप Firwall का इस्तेमाल करके बाहरी दुनिया का इंटरनेट का वायरस आपके सिस्टम में दाखल नहीं हो पायेगा। और आपका जो कार्य है वह आसानी से बिना वायरस की फ़िक्र करके इस्तेमाल करके आप कार्य को पूर्ण कर सकते है। 



     इसमें क्या होता है... की जब आप अपना कोई भी काम कर रहे होते है या फिर कोई फाइल डाउनलोड कर रहे होते है तो ऐसे में जो भी ट्रैफिक आपके कंप्यूटर की तरफ आ रहा होता है तो Firwall  ट्रैफिक  वाले वायरस को रोकता है। जो अनवॉन्टेड फाइल या सॉफ्टवेयर को आपके सिस्टम में इनस्टॉल ना हो पाए। तो ऐसे में Firwall एक आपके सिस्टम की चारो और सुरक्षा करता है और वह उसके लिए काम करता है की आपके कंप्यूटर में केवल वही चीजे आये जिसकी आपने परमिशन दी है। और आप इस्तेमाल कर रहे है। तो Firwall की वजह से आपके सिस्टम में कोई वायरस और अनवॉन्टेड फाइल इनस्टॉल ना हो पाए और इसी तरीके से आपके कंप्यूटर में कोई वायरस है और आप किसी नेटवर्क से जुड़े होते है अगर आपके पास दो से ज्यादा कम्प्यूटर्स है और आप उन सभी कोम्पुटर के साथ जुड़े होते है तो Firwall आपके कंप्यूटर से किसी दूसरे सिस्टम में जाने से रोकता है। तो Firwall इस तरह का भी काम करता है।



     दोस्तों Firwall दो प्रकार के होते है। 1. मूल रूप से Hardware और 2. मूल रूप से Software.  

1. Hardware Firwall :

 

     अब Hardware वाला Firwall है वह सभी मोर्डर्न राउटर्स में देखने को मिलेंगे। बाजार में अगल से Firwall के डिवाइस भी देखने मिल जाते है। और वह क्या करते है...? की, वह Hardware Tech में देते है। मान लीजिए की एक बंदे के पास एक नेटवर्क है जिससे 10 डिवाइस को इंटरनेट के साथ जोड़ कर रखा हुआ है। तो उस बंदे के पास राउटर है उसमे Firwall को सक्रिय कर रखा है तो 10 डिवाइस Firwall की सुरक्षा के अंदर आ जायेंगे। आप जब भी कोई चीज सर्च करते है या फाइल डाउनलोड करते है तो उस डेटा पैकेट के साथ आपकी ID जुड़ जाती है और जब आपको डेटा पैकेट वापिस मिलता है सामने वाले सर्वर से तो उसके साथ भी ID को जुडी हुई रहती है आपने सक्रिय किया Firwall को पता चलता है की हाँ यह जो डेटा पैकेट आ रहा है वह जेन्युन पैकेट आ रहा है। क्योंकि इसके आपकी पैकेट की ID में दिखाई देती है और उस डेटा को आने देता है। 



     लेकिन कोई भी अगर अनवॉन्टेड पैकेट्स है जो आपके सिस्टम में घुसने की कोशिश करता है तो उनको Firwall वही रोक देता है।

2. Software Firwall :


     अब Software Firwall की बाते समझी जाए तो आपने देखा होगा की अलग-अलग एंटी वायरस कंपनी है उसमे आपको मिल ही जाते है इसके आलावा Windows में भी Firwall का इनबिल्ट ऑप्सन होता है। और सॉफ्टवेयर वाला Firwall भी यही काम करता है लेकिन वह एक यह भी काम करता है की अगर आप कंप्यूटर में नया गेम, नया सॉफ्टवेयर इनस्टॉल किया है तो जब आप उसे ओपन करते है तब आपको Firwall has Blocked Sum Feachers Of This Program, जैसा नाम वाला एक विंडो ओपन हो जाता है। और आपको Keep Blocking और Unblock का ऑप्सन देता है। तो इस तरीके का आपको दिखाता है. इसका मतलब यह है की यह चीज को Firwall ने ब्लॉक कर दिया है अगर आप उसे अनब्लॉक करते है तो वह जोखम आपके लिए बन सकता है। 



     इसलिए आप जब कोई डेटा को डाउनलोड करते समय इस तरह का विंडो ओपन हो कर आपको सूचित करता है तो आपको उसे की Keep Blocking ही रहने देना है अगर आप इससे परेशान हो कर Unblock करते है और किसी डेटा या फाइल को डाउनलोड करते है तो हो सकता है की पीछे से कोई फाइल डाउनलोड हो कर आपके सभी डोक्युमेंट और डेटा को चोरी कर सकती है। और आप की फाइल तथा सिस्टम करप्ट भी हो सकती है।

 Firwall Conclusion :

 

     इसीलिए दोस्तों हार्डवेयर हो या सॉफ्टवेयर हो Firwall का होना बहुत जरुरी है।



     तो दोस्तों आशा रखता हूँ की आप इस जानकारी से सैफ रहेंगे और अच्छे से समझ भी गए होंगे।

     आपका धन्यवाद...।🙏🙏

शनिवार, 28 नवंबर 2020

Social Media से खरीदी पर आपके साथ कैसे धोखा हो सकता है...?

Social Media
Social Media Shopping


Is Shopping Through Social Media Platforms Good? :

     हेलो दोस्तों आज के समय में आप देखते ही होंगे की बहुत सारे प्लेटफॉर्म पर चीजे बेचना उपलब्ध हो गया है। जैसे की, Amazon, Flipkart, Snapdeal और इसके आलावा कई सारे प्लेटफॉर्म है। जिस पर जा कर आप अपनी प्रोडक्ट को पुरे इंडिया में बेच सकते है। तो जहाँ तक Amazon, Flipkart, Snapdeal जैसे प्लेटफॉर्म की बाते करते है तो उसमे धोखा होने का जोखम कम होता है या फिर नहीं भी होता है.- Social Media

 

     तो इन सारे प्लेटफॉर्म के आलावा आप Facebook पर, Instagram पर या कोई Social Media पर आप अपनी चीजे बेचते है या फिर खरीदते है. तो आपको जोखम उठाना पड़ता है। और आपका लाखो का नुकशान भी हो सकता है। वह कैसे...? उसके बारे में जानते है।

 

Shop Through Trusted Platforms :

 

     तो दोस्तों इसमें शायद आप भी प्रोडक्ट बेच रहे होंगे. लेकिन में आपको यह कहना चाहता हूँ की आप Amazon, Flipkart, Snapdeal जैसे प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करे। इसमें आपका जोखम कम हो जाता है. क्योंकि इसमें आपके प्रोडक्ट की पूरी तरह से सुरक्षा मिलती है। और अगर आपके प्रोडक्ट को नुकशान या फिर गलत प्रोडक्ट कस्टमर रिटन आता है तो आप उस कंपनी में क्लेम करके उस प्रोडक्ट के पैसे भी मांग सकते है लेकिन आपको गलत तरीके से कोई भी क्लेम नहीं करना है। ऐसा करने से आपका अकाउंट ब्लॉक भी कर सकते है। - Social Media

 

Shopping On Social Media :

 

     तो दोस्तों अब बारी आती है की Social Media पर प्रोडक्ट बेचने की, तो दोस्तों इसमें दोनों के साथ मतलब के खरीदने वाले और बेचने वाले व्यापारी को भी नुकशान सहन करना पद जाता है, तो यह नुकशान कैसे होता है…? उसके बारे में जानते है।

 

     मान लीजिए एक बंदा अपने Facebook अकाउंट पर कोई प्रोडक्ट देख कर पसंद करता है और उसे खरीदने के लिए उस प्रोडक्ट के व्यापारी का कॉन्टेक्ट करता है और उस प्रोडक्ट का ऑर्डर करता है। तो उस व्यापारी ने कहा की इसमें केश पेमेंट तो होता नहीं है। तो आप मुझे ऑनलाइन पैसे ट्रान्सफर कर दे। और उसने कहा की, जब आपको आपकी प्रोडक्ट डिलीवरी होगी तो किसी कुरियर वाला होगा। उसे प्रोडक्ट के पैसे नहीं दे सकते है. उसको सिर्फ डिलीवरी चार्ज ही दे सकते है। तो मुझे आप इस बैंक अकाउंट में प्रोडक्ट की किंमत जितने पैसे ट्रांसफर कर दीजिए। - Social Media

 

     तो वह बंदा उस व्यापारी को पैसे ट्रान्सफर करता है। और उस व्यापारी का सामने से फोन आता है, आपका पेमेंट मुझे मिल गया है। तो आज ही में आपका ऑर्डर कुरियर करके उसकी स्लीप आपको भेजने के लिए दे देता हूँ। थोड़े दिनों के बाद उस बंदे का मंगवाया हुआ प्रोडक्ट मिलता है, जैसे ही उसको प्रोडक्ट मिलता है उसका पैकिंग खोल कर देखता है तो उसमे से फालतू की चीज निकलती है। जो उसने नहीं मंगवाई थी। और यह देखते ही उसने व्यापारी को कॉन्टेक्ट किया की मेरी प्रोडक्ट मुझे नहीं मिली है उसके बदले कोई ओर ही प्रोडक्ट मुझे मिली है जो मैंने नहीं मंगवाई थी। लेकिन यह बात वह व्यापारी मानता कैसे...? उसने कहा की, मुझे प्रोडक्ट खोलते समय की फोटो और वीडियो मुझे भेजो अगर मुझे सही लगा तो में आपके पैसे वापिस कर दूंगा। - Social Media

 

     उस बंदे ने फोटो और वीडियो उसको भेजा और उस व्यापारी ने कहा की यह मेरा पार्सल नहीं है आपने किसी दूसरा पार्सल का फोटो और वीडियो मुझे भेजा है। इस तरह से कह कर आपको जूठा साबित कर देता है। और आप पुलिस कंप्लेन भी नहीं करते क्योंकि आप यह सोचते है की सिर्फ 500 / 1000 के लिए में पुलिस के चक्कर में क्यों पड़ना...? यह सोच कर हम उनको जाने देते है। अगर में उसे पुलिस केश करूँगा तो मेरा भी खर्चा हो जाएगा और नजाने कब उस व्यापारी को पकड़ेंगे...? तो आप छोटी सी किंमत के लिए आप इस जनजत में नहीं पड़ते और आपको नुकशान भुगतना पड़ता है।

 

Social Media Shopping Conclusion :


     तो इसी लिए में यही कहूंगा की आप सस्ते किंमत के चक्कर में Social Media से खरीदी मत कीजिए। आपके लिए Amazon, Flipkart ही सही खरीदी करने का प्लेटफार्म है और बेचने वाले व्यापारिओं के लिए भी यह सही प्लेटफॉर्म है। Snapdeal भी सही है मगर उसमे भी कही ना कही फ्रॉड होने के चांसिस है जिसके बारे में मेने पिछले पोस्ट में लिखा है की किस तरह से फ्रॉड होता है...?

 

     आशा रखता हूँ की आपको समझ आ गया होगा की किस तरह से सोशियल मिडिया पर खरीदारी के समय फ्रॉड किया जा सकता है...? तो दोस्तों आप जब भी ऑनलाइन खरीदारी करते है तो Social Media से नहीं करे, और अगर ऑनलाइन खरीदी करनी ही है तो Amazon, Flipkart जैसे प्लेटफार्म से खरीदारी करिये वही आपके लिए सैफ रहेगा।

 

     आपका धन्यवाद...।🙏🙏