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बुधवार, 2 दिसंबर 2020

e-SIM धोखे से कैसे बचे...?

E-SIM, esim
ESIM


E-SIM Fraud :

     हेलो दोस्तों, आपने अभी के समय में E-SIM के बारे में जानते ही होंगे। तो दोस्तों इसमें भी फ्रॉड व्यक्ति आपके साथ कैसे धोखा कर सकता है...?, उसके बारे में जानते है।

 

     दोस्तों स्टेप बाय स्टेप समझेंगे ताकि आप अच्छे से और आसानी से समझ सके।

 

तो मूलरूप से यह E-SIM होता क्या है...?

 

     आज से दोस्तों, 20 साल पहले एक सिम कार्ड आता था, जो फिज़िकल सिम कार्ड था, जो 2014 के बाद बदल कर उससे छोटा कर दिया गया और समय-समय पर उससे भी छोटा करते गए और अभी के समय में सिर्फ जो तांबे का जितना भाग है उतना ही हो गया है, जैसे की, 1993 में Mini Sim, 2003 में Micro Sim, 2012 में Nano Sim, और 2014 में E-SIM और अभी-अभी नए ज़माने के हाई रेंज वाले फोन में यह E-SIM का वाला सिस्टम बनाया गया है। तो यह E-SIM एक वोडाफोन (VI) और एयरटेल कंपनी के पास ही उपलब्ध है।

 

     तो दोस्तों इसमें एक फिज़िकल सिम होता है और एक E-SIM होता है, तो दोस्तों यह E-SIM हाई रेंज के फोन में ही इस्तेमाल होते है। जैसे की iPhone 10 में इस्तेमाल किया जाता है। उस फ़ोन में दोनों ऑप्सन मिलते है एक सादा वाला सिम और यह E-SIM.

 

E-SIM को Setup कैसे करते है...? :

 

     आपका जो फोन है, तो इसके लिए आपको पहले फोन के सेटिंग्स में जाना है, उसके बाद सेल्युलर में जाना होता है, उसके बाद सर्विस प्रोवाइडर का प्लान सेटअप करना होता है, सर्विस प्रोवाइडर यानि के वोडाफोन या एयरटेल कंपनी, उसके बाद QR Code Scanning करना होता है, तो यह QR Code कहाँ और कैसे आता है...? उसके बारे में आगे बताऊंगा, अभी यह अच्छे से समझ लेते है, तो QR Code Scanning होने के बाद प्लान को जोड़ना होता है, उसके बाद उस नंबर को Primary नंबर की तरह इस्तेमाल कर सकते है यह नंबर शारीरिक से डालना होता है, उसके बाद जो QR Code है वह ऑटोमॅटिकली आपका Primary नंबर ले लेगा, और आपके फोन में अलग से Virtual Sim इनस्टॉल हो जाता है उसमे शारीरिक तरीके से करना नहीं पड़ता, उसके बाद आप अपना नंबर सेटअप करके इस्तेमाल कर सकते है। अगर आपको यह तरीके में समज नहीं आया तो इसका दूसरा तरीका भी है, उसे जानते है। - E-SIM

 

E-SIM का दूसरा तरीका :

 

     पहले अपने खुद के फोन में सेटिंग्स में जा कर, मोबाइल डेटा में जाइए, उसके बाद Add Plan Data, और QR Code Scan करना होगा। QR Code आपने दी हुई Email ID पर आता है। आप वही से स्कैन करके इस्तेमाल कर सकते है। E-SIM

 

 

E-SIM फ्रॉड कैसे होता है...? :

 

     अब इसमें दोस्तों, एक फ्रॉड करने वाला व्यक्ति होता है जो एक व्यक्ति उसके फोन पर अपना Email SMS के जरिए भेजता है। वह Email ऐसा लिखा होता है की आपको लगता है की, यह Email और SMS आने वाला नंबर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का ही लगेगा, और आप वही Email ID आप सर्विस प्रोवाइडर को भेज देते है। तो सर्विस प्रोवाइडर वोडाफोन या एयरटेल कंपनी वाले उस Email ID पर QR Code Scan करने के लिए भेज देता है। और फ्रॉड व्यक्ति आपके मोबाइल नंबर रजिस्टर करवा कर खुद के मोबाइल में इस्तेमाल करने लग जाता है। उसके बाद आपका जो नंबर है वह बंध यानि सर्विस बंध हो जाती है और आपको लगता है, की शायद २४ घंटे या कुछ घंटे में यह E-SIM शुरू हो जाएगा। तो आपका नंबर फ्रॉड व्यक्ति के पास सक्रिय हो गया और वह आपके बैंक अकाउंट से सभी पैसे निकाल देगा। और आपको मालूम भी नहीं होगा। क्योंकि उसका ट्रांजेक्शन OTP तो उस फ्रॉड व्यक्ति के पास जाएगा और बैंक वालो का मेसेज भी उसी नंबर पर जाएगा जो फ्रॉड व्यक्ति के पास रजिस्टर है। E-SIM

 

     फ्रॉड व्यक्ति आपके बैंक में सभी पैसे को मल्टिपल चैनल से आपके पैसे ट्रान्सफर करते है, पैसे निकाल ने के लिए E-wallet का इस्तेमाल करते है ऐसे कई सारे मल्टिपल ट्रान्जेक्सन करते है जिससे फ्रॉड व्यक्ति को पकड़ नहीं पाते है। 

 

E-SIM Fraud Conclusion :

   

     अब दोस्तों, आप सोच रहे होंगे की उन व्यक्ति का मोबाइल नंबर फ्रॉड के पास आया कैसे होगा...?, उसको मालूम कैसे होता होगा की यह बन्दे के पास यह हाई रेंज का फोन है, और वह E-SIM के लिए अप्लाई करने वाला है...? आदि-आदि। E-SIM

 

     आपको बताऊ तो जब आप किसी ऑनलाइन शॉपिंग करते है और ऑर्डर करते है तो डिलीवरी के समय किसी अनजान व्यक्ति के पास ना चला जाए तथा डिलीवरी करने वाले को आपका एड्रेस नहीं मिलता तो आपका नंबर देख कर वह कॉल करके आप अपना एड्रेस बता सकते है। अब आपकी प्रोडक्ट मिलने के बाद कुछ लोग ऐसे होते है की उसका जो पैकिंग होता है, उसको नष्ट किए बिना ही कचरे में दाल देते है तो जब आप वह पैकिंग कचरे में डालते है उसमे आपका, नाम, नंबर आपके घर का एड्रेस लिखा होता है। तो आप उसे नष्ट किए बिना ही कचरे मे फेंक देते है तो सामने वाले को तो आपके बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। और वही से आपके साथ चीटिंग होने की शुरुआत होती है। E-SIM

 

     आज के समय में ऐसी टेक्नोलॉजी भी आती है, जिससे कोनसा  नंबर किस डिवाइस चल रहा है...? उसकी भी जानकारी देता है। तो उस माध्यम से भी आपको एक फ्रॉड व्यक्ति आपको ट्रेक करके आपसे फ्रॉड कर सकता है।


     तो दोस्तों, जब भी आप E-SIM के लिए किसी भी सर्विस प्रोवाइडर को ईमेल भेजते है या E-SIM एक्टिव करवाते है तो सावधानी पूर्वक एक्टिव करवाए।

 

     तो दोस्तों, उम्मीद रखता हूँ के यह जानकारी आपको समझ आई होगी। और आप इस जानकारी से सुरक्षित रहेंगे। कृपया यह जानकारी अपने दोस्तों और परिवार में भी कह कर आप और अपने सभी को जाग्रत कीजिए। E-SIM

 

     आपका धन्यवाद...।🙏🙏

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