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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

Facebook Password Kaise Hack Ho Sakta Hai ?

Facebook Password Kaise Hack Ho Sakta Hai?
Facebook Password

Facebook password ke baare me :


     हेलो दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है, की Facebook Password Kaise Hack Ho Sakta Hai…? और आपकी एक छोटी सी गलती आपके अकाउंट को हैक कर सकती है... इसलिए सिक्योरिटी के लिए आपको यह जानना बहुत ही जरुरी है, की आखिर में हैकर किस तरह से आपके पासवर्ड को हैक कर लेता है। तो यह माहिती आपको बताने जा रहा हूँ.

 

     तो दोस्तों जब भी आप किसी वेबसाइट में या किसी एप्लीकेशन में अकाउंट बनाते हो वही पर आप रजिस्टेशन करते हो तो आपको सिम्पल से एक फॉर्म भरने के लिए दिया जाता है, जहाँ पर आप अपना नाम, Email ID, मोबाइल नंबर, और पासवर्ड भर कर आपका खुद का अकाउंट बना लेते है। यह आपकी जो सभी माहिती है वह मूलरूप से वेबसाइट या एप्लीकेशन के सर्वर पर स्टोर हो जाती है.

 

     तो यहाँ पर आपने नोटिस जरूर किया होगा, की पासवर्ड होता है वही पर हमेशा **** ऐसा दीखता है, तो यह सबसे महत्वपूर्ण पार्ट होता है, यह हम सभी जानते है। क्योंकि एक बार अगर कोई पासवर्ड किसी को मालूम हो गया, तो वह बहुत आसानी से आपके अकाउंट को चला सकता है, और हैक कर सकता है।


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     तो यहाँ पर एक सवाल जरूर होता है, की आखिर में जो कोई वेबसाइट या एप्लीकेशन के मालिक है वह हमारे पासवर्ड को सिक्योर करने के लिए क्या करते है...? तो यहाँ पर ज्यादातर लोग Hash Algorithm का इस्तेमाल करते है तो आप कहेंगे की यह Hash Algorithm होता क्या है...?

 

Hash Algorithm kya hota hai...?

 

     तो दोस्तों, Hash Algorithm एक ऐसी Method है जहां पर एक इनपुट मैसेज या इनपुट टेक्स्ट को एक Mathematical Function के जरिये एक टेक्स्ट में कन्वर्ट किया जाता है जो आपको देखने में बिलकुल एक Key की तरह दीखता है, इस टेक्स्ट में आपको नंबर्स और लेटर्स दिखने को मिलेगा। जिस मेसेज या टेक्स्ट को आप विशिष्‍ट कोड में ट्रान्सफर करना है Hash Value में कन्वर्ट करना है, उसे मूल रूप से इनपुट कहते है, उसके बाद जो प्रोसेस होता है जिसके लिए जो Mathematical Function का इस्तेमाल किया जाता है उसे Hash Function कहा जाता है, इसके बाद हमें आखिर में जो परिणाम मिलता है जो हमें देखने में एक Key जैसा दिखाई देता है उस Key का साइज फिक्स होता है उसे Hash Value कहा जाता है।

 

     अब यहाँ पर Hash Value का इस्तेमाल करने के लिए कई सारे Algorithm (कलन विधि) का इस्तेमाल किया जाता है। या फिर कई सारे Mathematical Function का इस्तेमाल किया जाता है। मान लीजिए Password@123 यह आपने एक इनपुट पासवर्ड का टेक्स्ट लिख कर इनपुट किया, अब Hash Algorithm की मदद से गुजारेंगे तो यहाँ पर Mathematical Function का इस्तेमाल करके केल्क्युलेशन किया जाएगा, और उसके बाद ऐसे फिक्स Key में कन्वर्ट किया जाएगा जो आपको देखने में कुछ इसतरह (2138cb5b0302e84382dd9b3677576b24) की Key देखने को मिलती है। मतलब के आपके पासवर्ड के टेक्स्ट को Hash Algorithm से इस तरह से कुछ Key में रूपांतरित हो जाती है। जिसे हम Hash Value कहते है। इस Key का जो साइज है वह फिक्स होता है, भले ही आपका पासवर्ड का टेक्स्ट कितना भी लंबा हो, यह Hash Value की साइज इतनी ही रहती है.

 

     तो अब इस Hash Value को टेक्स्ट में कन्वर्ट करना संभव नहीं है, भले ही बड़े से बड़े हैकर क्यों ना हो वह मालूम नहीं कर सकता...


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     जब आप किसी वेबसाइट तथा एप्लीकेशन में अपने खुद का अकाउंट बनाते हो तब फॉर्म में आपका नाम, मोबाइल नंबर, Email ID, बर्थ डेट, सभी माहिती उसके सर्वर में सेव होती है, लेकिन पासवर्ड उसके सर्वर में सेव नहीं होता आप किसी पासवर्ड को लिखते है तो वह पहले Hash Algorithm से Hash Value निकाल कर वह Key को उसके सर्वर पर सेव करेगा। आपने जो पासवर्ड में टेक्स्ट लिखा है उसे नाम, मोबाइल नंबर, Email ID की तरह नहीं करेगा. तो जो कोई भी वेबसाइट या एप्लीकेशन के मालिक के पास वह Key ही उसके पास होती है, तो यह  Key से पासवर्ड जानना वेबसाइट या एप्लीकेशन के मालिक के लिए भी असंभव है।

 

     तो दोस्तों, हैकर ने किसी जुगाड़ से या हैकिंग स्किल से किसी तरह से आपका यूजर नाम और सर्वर से Hash Value या पासवर्ड को चुरा लिया, तो ऐसे में हैकर के पास आपका यूजर नाम और Hash Value चला जाएगा। अब हैकर इस यूजर नाम और Hash Value से लोग इन करने की कोशिश करेगा तो वह लोगइन नहीं होगा। अब वह हैकर Hash Value जानने के लिए Rainbow Tables का इस्तेमाल करेगा।

 

Rainbow Tables kya hota hai...?

 

     अगर आपको हैकिंग में थोड़ी सी भी रूचि है तो आपको यह Rainbow Tables के बारे में जानते होंगे. तो दोस्तों, यह Rainbow Tables तो यह ऐसा टेबल है जिसमे जितने भी सामान्य तथा सिम्पल पासवर्ड होते है, जिसे तोड़ना बहुत आसान होता है तो यही सामान्य पासवर्ड के साथ Hash Value भी  Rainbow Tables में रेकॉर्ड होता है,  तो हैकर यह Rainbow Tables की मदद से आपके पासवर्ड को तोड़ने की कोशिश करेगा। हैकर आपके अकाउंट की ID डाल कर उसका पासवर्ड  Rainbow Tables में जितने भी Hash Value की लिस्ट है, उनको मिला कर देखेगा। और आपके अकाउंट का पासवर्ड तोड़ ने की कोशिश करता है। मतलब, हर एक शब्दों का Hash Value जानने लिए ऐसे ही कोई पासवर्ड रखा, मानलो की bharat@12345 डाल कर उसकी Hash Value चेक किया और इसकी Hash Value 2138cb5b0302e84382dd9b3 दिखाई, तो अब यह जो Hash Value है उसे Rainbow Tables में देखेगा की, किस से यह Hash Value मिलती जुलती है…? तो जिसका भी यह Hash Value मिलता है, उसमे अनुमान लगा कर हैकर आपका पासवर्ड तोड़ सकता है।

 

Hacker Kaise Dictionary Attack Or Brute-Force Attack ka istemal karte hai...?

 

     अगर हैकर से Rainbow Tables में जो Hash Value की लिस्ट में अगर कोई Key नहीं मिलता तो अब वह दूसरे तकनीक का इस्तेमाल करेगा, जैसे की Dictionary Attack तथा Brute-Force Attack की जरिए हैक करने की कोशिश करेगा। इसमें एक शब्दों की लिस्ट तैयार की जाती है, जहाँ पर पहले से ही कई सारे शब्दों के पासवर्ड होते है और उनका Hash Value भी होता है, अगर हैकर को पता है की इस तरह का पासवर्ड रखते हो और उसको थोड़ा सा भी आईडिया है तो उसके हिसाब से एक शब्दों की लिस्ट तैयार करेगा। और उस Hash Value को शब्दों के लिस्ट के जरिये मैच करेगा, अगर मैच हो जाता है, तो आपका जो पासवर्ड है, वह हैकर तोड़ पाएगा। अगर इससे भी आपका पासवर्ड तोड़ने में असफल रहा तो वह दूसरा तरीका इस्तेमाल करेगा।


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     वह हैकर एक ऐसा Algorithm का तरीका इस्तेमाल करेगा या फिर ऐसा कोई Function बनाएगा, जहाँ पर वह हर एक शब्दों को, हर एक सिम्बोल को, हर एक नंबर को आपस में जोड़ कर वह सभी संभावनाओं को अपना कर जिससे की कोई ऐसा शब्द निकले या फिर नाम निकले जिससे वह Hash Value को मैच कर जाए. तो यहाँ सभी संभावनाओं को अपनाएगा जिससे की उस Hash Value को सिंपल टेक्स्ट में कन्वर्ट कर दे, तो यहाँ पर समान Hash Value को वह उस लिस्ट के जरिये वहां पर पास करवाएगा, अगर उस Hash Value के लिस्ट में जो Key हकीकत में है वह मैच हो जाता है तो ऐसे में हैकर को आपका पासवर्ड मालूम  हो जाता है। तो दोस्तों  हैकर अलग-अलग तकनीक का इस्तेमाल करके आपका पासवर्ड तोड़ने की कोशिश करता है। और अगर ऐसे में आपका पासवर्ड सिंपल है तो हैकर को पासवर्ड बहुत आसानी से पता चल जाता है।  

 

Facebook Password Conclusion :


     इसलिए दोस्तों, आपसे हमेशा कहा जाता है, की आपको सिंपल और शार्ट पासवर्ड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. और कभी भी हमारे सभी अकाउंट में समान पासवर्ड नहीं रखना चाहिए. अगर आपका एक अकाउंट का पासवर्ड हैक हो गया तो आपके सभी अकाउंट का पासवर्ड हैक हो जाते है इसलिए सभी अकाउंट का पासवर्ड अलग-अलग रखने में हमें ही फायदा है। इसके आलावा आपको महत्वपूर्ण अकाउंट में Two Authentication पासवर्ड का इस्तेमाल करे। यह आपके अकाउंट को उच्च तरीके से रक्षा करने में मदद करती है। और आपके अकाउंट में खुद का Email ID और मोबाइल नंबर रजिस्टर करके रखे. याद रहे, आपने बैंक में रजिस्टर किया हुआ Email ID और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल नहीं करना है. किसी दूसरे नंबर और Email ID बना कर रजिस्टर करना है। ऐसा इसलिए अगर आप किसी समय पासवर्ड भूल जाते है तो यह आपको OTP के जरिए आपको आपका अकाउंट ओपन करने में मदद करेगा, और दूसरा नंबर और Email ID रजिस्टर करने से आपके बैंक अकाउंट की माहिती भी सिक्योर रहेगी।

 

     तो दोस्तों, उम्मीद रखता हूँ की आपके अकाउंट के पासवर्ड की सुरक्षा की जानकारी समझ आ गयी होगी। और इस जानकारी से आप सिक्योर रहेंगे और आपके काम आएगी।

 

     आपका धन्यवाद...। 🙏🙏

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